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DOI: https://doi.org/10.63345/ijrsml.v10.i5.1
रति कृष्णाहरि सुलेगांव
भाषा अध्ययन
नॉर्थ ईस्ट क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी
डॉ. अशोक कुमार
भाषा अध्ययन
नॉर्थ ईस्ट क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी
सारांश
हिंदी पत्रकारिता की भाषा-शैली समय, समाज और तकनीक के साथ निरंतर परिवर्तित होती रही है। प्रिंट मीडिया के युग में हिंदी पत्रकारिता की भाषा अपेक्षाकृत औपचारिक, साहित्यिक, व्याकरणसम्मत और विश्लेषणप्रधान थी, जबकि डिजिटल मीडिया के आगमन के साथ भाषा अधिक संक्षिप्त, संवादात्मक, मिश्रित (हिंग्लिश) और दृश्य-केन्द्रित हो गई है। इस शोध-पत्र का उद्देश्य प्रिंट मीडिया से डिजिटल मीडिया तक हिंदी पत्रकारिता की भाषा-शैली में आए परिवर्तनों का तुलनात्मक और आलोचनात्मक अध्ययन करना है। अध्ययन में शब्दावली, वाक्य-संरचना, शीर्षक लेखन, प्रस्तुति शैली, पाठक-संपर्क और भाषिक मानकों के आधार पर दोनों माध्यमों की तुलना की गई है। शोध यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि डिजिटल मीडिया ने हिंदी पत्रकारिता की भाषा को अधिक लोकतांत्रिक और जन-सुलभ बनाया है, किंतु साथ ही भाषा की गंभीरता, शुद्धता और पत्रकारिता के नैतिक मानकों के समक्ष नई चुनौतियाँ भी उत्पन्न की हैं।
मुख्य शब्द: हिंदी पत्रकारिता, प्रिंट मीडिया, डिजिटल मीडिया, भाषा-शैली, तुलनात्मक अध्ययन, न्यू मीडिया
संदर्भ सूची (संकेतात्मक)
- प्रभात कुमार – हिंदी पत्रकारिता: स्वरूप और विकास
- रामचंद्र शुक्ल – हिंदी साहित्य का इतिहास
- मार्शल मैक्लुहान – द मीडियम इज़ द मैसेज
- अरविंद कुमार – डिजिटल मीडिया और भाषा