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DOI: https://doi.org/10.63345/ijrsml.v12.i2.1
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ज्योति
शोधार्थिनी, महाराजा अयप्रसेन हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय
शिवनगर, पोखरा, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड।
डॉ. सुचित्रा उपाध्याय
शोध निदेशिका, महाराजा अयप्रसेन हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय
शिवनगर, पोखरा, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड।
सारांश
31 जनवरी 2024 को शहीद कोतवाल धन सिंह गुर्जर जी की तस्वीर को नई संसद सभा में लगाया गया शहीद कोतवाल धन सिंह गुर्जर का जन्म 27 नवंबर 1814 को ग्राम पांचली खुर्द में हुआ था वह किसान परिवार से थे उनके पिता का नाम जोधा सिंह और माता का नाम मनभरी देवी था। वह बहुत बड़े देशभक्त थे और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद ब्रिटिश हुकूमत में पुलिस में भर्ती होकर कोतवाल बन गए। मेरठ शहर के कोतवाल बनने के बाद वह अपने लोगों की मदद करने लगे और आजादी की लड़ाई में सभी का साथ देने लगे। अमर शहीद कोतवाल धन सिंह गुर्जर ने10 मई1857 को मेरठ क्रांति शुरू की थी। कोतवाल जी के नेतृत्व में ही सदर बाजार कोतवाली पर हमला बोलकर चर्बी युक्त कारतूसों का विरोध करने वाले 85 भारतीय सैनिकों सहित 840 कैदियों के करीब लोग को छुड़वाया था। धनसिंह जी के बुलाने पर गांव पांचली सहित नगला, नूर नगर, लिसाड़ी चूड़ीयाला, डोलना और भी बहुत से गांव में हजारों लोग सदर कोतवाली में एकत्र हुए और 10 मई1857 की रात मेरठ में अंग्रेजों की जेल में बंद भारतीय सैनिकों को इन क्रांतिकारियों ने छुड़वाकर जेल को आग लगा दी थी। ब्रिटिश सरकार ने धन सिंह जी को मुख्य रूप से दोषी ठहराया और उन्हें गिरफ्तार कर कर मेरठ के चौराहे पर 4 जुलाई 1857 को फांसी पर सबके सामने बेरहमी से फांसी पर लटका दिया मेरठ के गांव पांचली को तोप से उड़ा दिया गया। सैकड़ो गुर्जर किसान मारे गए और जो बच गए उन्हें गिरफ्तार कर दशहरा के दिन भी फांसी लगा दी गई तब से आज तक वहां दशहरा नहीं मनाया जाता।महान शहीद कोतवाल धन सिंह गुर्जर के नाम पर मेरठ में यूनिवर्सिटी के एक कैंपस को क्रांतिकारी धन सिंह कोतवाल सिंह गुर्जर के नाम से जाना जाता है। इतिहास जाने तो सच्चाई यही है कि शाहिद कोतवाल धन सिंह गुर्जर ने ही प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में ब्रिटिश सरकार को चुनौती दी थी और उन्हें झंझोड़ कर रख दिया कोतवाल जी का संघर्षमय जीवन व देश के प्रति उनका समर्पण का इतिहास गवाह है।10 मई1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति के जनक शाहिद धन सिंह कोतवाल गुर्जर की याद में 10 मई के दिन को क्रांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमें वीर गुर्जर शहीद धन सिंह कोतवाल जी पर गर्व करना चाहिए और अपने आने वाली पीढियों को उनकी वीरता की कहानी सुनानी चाहिए।
मुख्य शब्द
1857 की क्रांति, मेरठ, धन सिंह कोतवाल, बिशन सिंह गुर्जर, उमराव सिंह दादरी, स्वतंत्रता संग्राम, स्थानीय नायक, ब्रिटिश शासन, विद्रोह, शहादत, देशभक्ति, ऐतिहासिक विश्लेषण, क्रांति दिवस, मेरठ इतिहास.
संदर्भ सूची
पुस्तकें और प्रकाशन
- “गुर्जर: बहादुरी और बलिदान की मिसाल”, लेखक अज्ञात, स्थानीय प्रकाशन, मेरठ।
- संदर्भित पृष्ठ: “विशन सिंह गुर्जर (1857 ई.)”, पृष्ठ संख्या 18।
- इसमें बिशन सिंह गुर्जर, उमराव सिंह दादरी और उनके क्रांतिकारी योगदान का विस्तृत वर्णन है।
- सावित्री चौधरी (2008), 1857 की क्रांति और उसका सामाजिक आधार, राष्ट्रीय प्रकाशन, नई दिल्ली।
- यह पुस्तक मेरठ, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हुए सामाजिक प्रतिरोध को समझने में सहायक है।
- डॉ. सुरेश कुमार शर्मा (2015), मेरठ और 1857 की क्रांति, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।
- इसमें मेरठ को क्रांति की जन्मस्थली के रूप में ऐतिहासिक रूप से प्रस्तुत किया गया है।
- आर.सी. मजूमदार (1963), The Sepoy Mutiny and the Revolt of 1857, Firma K. L. Mukhopadhyay, Calcutta।
- ब्रिटिश शासन और भारतीय सैनिकों के संघर्ष की प्राथमिक जानकारी इस ग्रंथ में उपलब्ध है।
- विनीत कुमार सिंह (2017), लोक स्मृतियों में 1857 की क्रांति, भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHR), नई दिल्ली।
- यह पुस्तक लोक परंपराओं और मौखिक इतिहास के माध्यम से 1857 की घटनाओं की पुनर्व्याख्या करती है।
शोधपत्र और लेख
- शर्मा, ओ.पी. (2012) – “मेरठ की क्रांति और ग्रामीण समाज की भूमिका”, इतिहास दर्शन पत्रिका, खंड 9, अंक 3।
- गुप्ता, आर.एल. (2019) – “1857 का जनसंघर्ष: स्थानीय नायकों का योगदान”, भारतीय अध्ययन जर्नल, नई दिल्ली विश्वविद्यालय।
सरकारी व प्रशासनिक स्रोत
- भारत सरकार, राष्ट्रीय अभिलेखागार – Records on the Mutiny of 1857: Meerut District Files (1857–1859)।
- उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, लखनऊ – Rebellion Reports: Meerut and Delhi Division (1857)।
लोककथाएँ, स्मारक और मौखिक स्रोत
- मेरठ के ग्राम पाँचली खुर्द, लिसाड़ी और डोलना क्षेत्रों में स्थानीय बुजुर्गों से लिए गए मौखिक साक्षात्कार (2024)।
- 10 मई को मनाए जाने वाले “क्रांति दिवस” से संबंधित स्थानीय समारोहों और जन-स्मारकों का प्रत्यक्ष अवलोकन।
ऑनलाइन व डिजिटल स्रोत
- National Digital Library of India – “Records on Indian Freedom Struggle, 1857–1947”
- Indian Culture Portal (indianculture.gov.in) – “The Revolt of 1857: Meerut and Its Heroes”
- Press Information Bureau (PIB), Government of India – “Shaheed Kotwal Dhan Singh Gurjar Remembered as the Torchbearer of 1857 Uprising”, 2024।