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DOI: https://doi.org/10.63345/ijrsml.v13.i12.7
डॉ सचिन कुमार
एसोसिएट प्रोफेसर (इतिहास)
डी.ए.वी कॉलेज,मुजफ्फरनगर,
माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)
सार
“युवा पीढ़ी को अपनी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक, नैतिक और आध्यात्मिक स्थिति को ऊँचा उठाने व अपने को एक आदर्श नागरिक बनाना इतना बड़ा धर्मकार्य है, जिसकी तुलना अन्य किसी भी पुण्य परमार्थ से नहीं की जा सकती।”
श्रीराम शर्मा आचार्य जी के ऐसे सुविचारों पर चलकर ही भटकती युवा पीढ़ी को उचित दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे। देश के युवा यदि सशक्त, सक्रिय, संस्कारवान एवं सुविचारों वाले होंगे, तो देश को उन्नत होने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती। किसी भी राष्ट्र की उन्नति उसकी संस्कारवान युवा भावी पीढ़ी ही तय करती है। जब युवा सशक्त और नैतिक होंगे, तब स्वस्थ समाज का निर्माण होना भी सुनिश्चित होता है।
बीज शब्द
श्रीराम शर्मा आचार्य, नैतिकता, युवा चेतना केन्द्र, ईर्ष्या, तृष्णा, बलिदान
सन्दर्भ सूची
- कठोपनिषद, 1.3.14
- तैतिरीय उपनिषद, 2.8.1
- युग निर्माण में युवा शक्ति का सुनियोजन, ब्रह्मवर्चस, युग निर्माण योजना विस्तार ट्रस्ट।
- अखण्ड ज्योति, (अगस्त 2023), वर्ष 87, अंक 8।
- अखण्ड ज्योति, (मार्च 2022), वर्ष 86, अंक 3।
- अखण्ड ज्योति, (दिसम्बर 2023), वर्ष 87, अंक 12।
- अखण्ड ज्योति, (फरवरी 2022), वर्ष 86, अंक 2।
- अखण्ड ज्योति, (जुलाई 2021), वर्ष 85, अंक 7।
- उत्तिष्ठत जाग्रत (युवा जागरण), ब्रह्मवर्चस, श्री वेदमाता गायत्री ट्रस्ट।
- उत्तिष्ठत जाग्रत (युवा जागरण), ब्रह्मवर्चस, श्री वेदमाता गायत्री ट्रस्ट।
- युग निर्माण में युवा शक्ति का सुनियोजन, ब्रह्मवर्चस, युग निर्माण योजना विस्तार ट्रस्ट।
- वर्तमान चुनौतियाँ और युवा वर्ग, ब्रह्मवर्चस, युग निर्माण योजना विस्तार ट्रस्ट।